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हनुमान जन्मोत्सव पर यदि कर लिए पूजा के दौरान ये 16 शुभ कार्य तो तुरंत होगी कृपा
डॉ श्रद्धा सोनी, वैदिक ज्योतिषाचार्य, रत्न विशेषज्ञ, वास्तु एक्सपर्ट
१६ अप्रैल २०२२ को हनुमान जन्मोत्सव को धूमधाम से मनाया जाएगा। इस दिन मौका न चूकें और हनुमानजी की पूजा के दौरान ये १६ शुभ और पवित्र कार्य जरूर करें। इससे हनुमान जी तुरंत ही प्रसन्न होकर आप पर कृपा बरसाएंगे। आपकी हर मनोकामना होगी पूर्ण।
१. आटे का दीपक :- यदि आप कर्ज में डूबे हैं तो आटे के बने दीपक में चमेली का तेल डालकर उसे बड़ के पत्ते पर रखकर जलाएं। ऐसे ५ पत्तों पर ५ दीपक रखें और उसे ले जाकर हनुमानजी के मंदिर में रख दें।
२. सिन्दूर चढ़ाएं :- हनुमानजी को घी या चमेली के तेल के साथ सिन्दूर अर्पित करने से श्रीराम की कृपा प्राप्त होती है, बिगड़े काम बन जाते हैं, मंगल दोष शांत होता है, एकाग्रता में वृद्धि होती है, दृष्टि भी बढ़ती है, सौभाग्य की प्राप्ति भी होती है और सभी इच्छाएं पूरी हो जाती हैं।
३. चमेली का तेल और फूल :- चमेली का तेल चढ़ाने या इस तेल का दीपक चलाने से हनुमानीज जल्दी प्रसन्न होते हैं और फूल चढ़ाने से हनुमानजी की कृपा से घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है, भूत-प्रेत का साया नहीं रहता, किया-कराया भी मिट जाता है, दुश्मनों से छुटकारा पा सकते हैं।
४. ध्वज चढ़ाना :- किसी कार्य में सफलता प्राप्ति हेतु या युद्ध में विजय हेतु हनुमानजी को लाल या केसरिया ध्वज या झंडा चढ़ाया जाता है। झंडा चढ़ाने वाले का मान-सम्मान बढ़ता जाता है और उसे हर कार्य में तरक्की मिलती है। यह झंडा त्रिकोणीय होना चाहिए और उस पर •’राम’ लिखा होना चाहिए। इससे हर तरह की संपत्ति संबंधी समस्याएं भी दूर होती हैं और सर्व कामनाएं पूर्ण होती है।
५. तुलसी की माला :- हनुमानजी को तुलसी की माला चढ़ाई जाती है। इससे तुरंत ही संकट मिट जाते हैं और समृद्धि के द्वार खुल जाते हैं और धनलाभ होता है।
६. राम नाम चढ़ाएं :- पीपल के पत्ते पर चमेली के तेल और सिन्दूर से •’राम’ नाम लिखें और इसे हनुमानजी को चढ़ाएं। यह कार्य करने से सभी तरह की समस्याओं से मुक्ति मिलेगी। यह भी कर सकते हैं- पीपल के ११ पत्तों पर चंदन या कुमकुम से •श्रीराम का नाम लिखें। इसके बाद इन पत्तों की माला बनाकर हनुमानजी को चढ़ाएं।
७. जनेऊ :- हनुमानजी अपने कांधे पर जनेऊ धारण करते हैं। दुर्भाग्य से मुक्ति हेतु हनुमानजी को मंगलवार को जनेऊ चढ़ाई जाती है। जनेऊ को यज्ञोपवीत भी कहते हैं।
८. पीले रंग के फूल :- हनुमानजी को लाल, गुलाबी और पीले रंग के फूल अर्पित करने से आपको लाभ प्राप्त होगा। लाल या पीले फूल जैसे कमल, गुलाब, गेंदा या सूर्यमुखी चढ़ाने से सारे वैभव व सुख प्राप्त होते हैं।
९. लाल चंदन में केसर :- हनुमानजी को लाल चंदन में केसर मिलाकर चढ़ाएं या उनकी मूर्ति पर इसे लगा दें। ऐसा कम से गृह क्लेश दूर हो जाएगा और घर में हमेशा शांति बनी रहेगी। लाल चंदन घिसा हुआ हुआ चाहिए, बाजार से लाया हुआ नहीं?
१०. लाल लंगोट :- सिन्दूर और चमेली के तेल का दीपक जलाकर हनुमानजी को लाल लंगोट अर्पित करें। कहते हैं कि यह उपाय प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता देता है।
११. चोला चढ़ाएं :- हनुमानजी को चोला चढ़ाते रहने से व्यक्ति के जीवन में किसी भी प्रकार का संकट नहीं आता है। और अगर कोई संकट है तो वह मिट जाता है। जो व्यक्ति चोला चढ़ाता रहता है उसके जीवन में भूत-पिशाच, शनि और ग्रह बाधा, रोग और शोक, कोर्ट-कचहरी-जेल बंधन, मारण-सम्मोहन-उच्चाटन, घटना-दुर्घटना, कर्ज, तनाव या चिंता जैसे किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं रहती है।
१२. तीन कोने वाला दीपक :- यदि आप बीमार हैं या घर का कोई सदस्य बीमार है तो प्रतिदिन हनुमानजी के समक्ष ३ कोनों वाला दीपक जलाएं। दीपक में चमेली का तेल हो और हनुमान बाहुक का पाठ करें।
१३. हनुमान चालीसा :- प्रतिदिन हनुमान चालीसा पढें। वह भी एक ही जगह बैठकर। यदि संभव हो तो सुंदरकाण्ड पढ़ें।
१४. हनुमान जप :- •’ॐ श्री हनुमंते नमः का प्रतिदिन १०८ बार जाप करें।
१५. भोग लगाएं :- हनुमानजी को हनुमान जन्मोत्सव पर पंच मेवा, केसरिया बूंदी लड्डू, इमरती, बेसन के लड्डू, चूरमा, रोठ, मालपुआ या मलाई-मिश्री के लड्डू का भोग लगाएं। खासकर उन्हें गुड़-चने का प्रसाद अर्पित करते हैं। यदि घोर संकट में हैं तो पान का बीड़ा अर्पित करें।
१६. हनुमान पूजा :- यदि आप घोर संकट से घिरे हैं या आप हनुमानजी की पूर्ण भक्ति करना चाहते हैं तो फिर आपको मांस, मदिरा और सभी तरह का व्यवसन त्याग कर ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए प्रतिदिन विधि-विधान से हनुमानजी की पूजा या उनके मंत्र या नाम का जप करना चाहिए। हनुमानजी के साथ ही भगवान राम, लक्ष्मण और जानकी माता की भी पूजा अच्छे से करें।


